हमारी नयी पड़ोसन से नया नया प्यार पार्ट -1

 

कहानी - हमारी नयी पड़ोसन से नया नया प्यार पार्ट -1
मेरी पत्नी गर्मियों की छुट्टी में बच्चो को लेकर मायके गयी हुई थी , तो मैंने कल रात थोडा हैवी खाना खाया और एक मूवी देखी , आखिरी बार मैंने जब घडी देखि तो रात के 1 बज रहे थे फिर न जानने बेड पर लेटकर मूवी देखते हुए कब नींद आ गयी , पता ही नहीं चला , अगले दिन रविवार था और ऑफिस की छुट्टी थी तो सुबह जल्दी उठने की फ़िक्र ही नहीं थी ,
पर मेरी नींद खुली दूर बेल के बजने से , मैंने हडबडाकर दीवार घडी में समय देखा तो सुबह के 8 बज चुके थे , खिड़की से सूरज की रौशनी आ रही थी , मैंने अपने कपड़ो को सही करते हुए दरवाजा खोला और जैसे सुबह की रौशनी में एक चाँद पर मेरी नजर पड़ी , एक बोहोत ही खूबसूरत परि जिसकी उम्र 35 साल रही होगी , मेरे सामने खड़ी थी , उसे देखते ही जैसे मै मदहोश हो गया , एक रोमांच सा मेरे सारे जिस्म में दौड़ गया मैंने अंदाजा लगाया उस सुन्दरता की मूरत का कद 5 फीट 4 इंच रहा होगा , सारी में जैसे कोई अप्सरा मेरे सामने खड़ी हो उसका बड़ा सा जूडा उसके लम्बे मदहोश कर देने वाले बालों का परिचय दे रहा था . उसका रंग ऐसा था मानो दूध में जैसे किसी ने कुछ बूंदे रु अफजा मिला दिया हो , उसके शारीर की बनावट ऐसी थी , मनो कामदेव ने हर अंग में सम्मोहन भर दिया हो , सीना आदर्श स्थिति में उभर लिए हुए था और उसके नितम्ब मानो न चाहते हुए भी वासना भरा निमंत्रण दे रहे थे . मई तो जैसे रूप की इस गंगा में खो ही गया था , तभी उस महिला ने मेरा सम्मोहन अपनी खिलखिलाती हुई आवाज में नमस्ते भाई साहब कहकर तोडा . मै अवाक उसकी तरफ देख रहा था ,
आखिर कौन थी ये भाईसाहब कहकर संबोधित करने वाली अप्सरा और इतनी सुबह मेरे दरवाजे पर क्या कर रही थी ??
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